सँयुक्त राष्ट्र में रूस के प्रतिनिधि विताली चूरकिन का न्यूयार्क में निधन
सँयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के प्रतिनिधि विताली चूरकिन का अपने 65 वें जन्मदिन से एक दिन पहले न्य़ुयार्क में देहान्त हो गया। रूस के विदेश मन्त्रालय की वेबसाइट पर यह सूचना दी गई है। सूचना में कहा गया है — रूस के इस प्रमुख राजनयिक का अपने काम के मोर्चे पर ही निधन हो गया।
विदेश मन्त्रालय ने उनकी मृत्यु के कारणों का खुलासा नहीं किया है। राष्ट्र संघ में रूस के उप-प्रतिनिधि व्लदीमिर सफ़्रोंकफ़ के हवाले से समाचार समिति एसोशियेटेड प्रेस ने बताया है कि विताली चूरकिन का प्रेस्बिटेरियन अस्पताल में निधन हो गया, जहाँ उनके दफ़्तर से उन्हें लाया गया था। न्यूयार्क टाइम्स ने अपने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि उन्हें दिल में दर्द महसूस हुआ था।
रूस के विदेश मन्त्रालय की प्रवक्ता मरीया ज़ख़ारवा ने फ़ेसबुक में लिखा है — कल वे 65 साल के हो जाते। असाधारण व्यक्तित्व के मालिक महान कूटनीतिज्ञ चूरकिन रूस के विदेश मन्त्रालय का चमकता हुआ सितारा थे। सँयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के प्रथम उप-प्रतिनिधि प्योतर इलीचेफ़ ने कहा — चूरकिन ने अपना सारा जीवन रूस के हितों की रक्षा करते हुए बिताया। उन्होंने सबसे तनावपूर्ण पदों पर काम किया और हमेशा मोर्चे की पहली पंक्ति में रहे।
विताली चूरकिन अप्रैल, 2006 से सँयुक्त राष्ट्र संघ में रूस के प्रतिनिधि थे। 1972 में मास्को के राजकीय अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध संस्थान की शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने रूस के विदेश मन्त्रालय के अनुवाद विभाग में नौकरी करनी शुरू की थी। उन्होंने जिनेवा में रणनीतिक हथियारों की सीमित करने के लिए की जाने वाली साल्ट-2 सन्धि से जुड़ी वार्ताओं में हिस्सा लिया था। 1992 में वे रूस के विदेश उपमन्त्री बने थे। फिर 1994 से 1998 तक विताली चूरकिन बेल्जियम में रूस के राजदूत रहे और 1998 से 2003 तक कनाडा में रूस के राजदूत रहे।