रूस और जापान के बीच कोई सीमा-विवाद नहीं है — पूतिन
जापनी टेलीविजन चैनल निप्पोन टीवी को इण्टरव्यू देते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने कहा कि रूस और जापान के बीच कोई आपसी सीमा-विवाद नहीं है।
व्लदीमिर पूतिन ने कहा — यह जापान का मानना है कि सीमाओं को लेकर विवाद है। और हम जापान के साथ इस सवाल पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।
व्लदीमिर पूतिन ने कहा — रूस का मानना है कि जापान के साथ शान्ति-सन्धि का न होना एक ऐसी ’अराजकता’ है, जो हमें इतिहास से मिली है।
रूसी नेता ने दो देशों के बीच विश्वास, मैत्री और सहयोग का वातावरण बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यापारिक-आर्थिक सम्बन्धों के अलावा अन्तरराष्ट्रिय सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मिलकर क़दम उठाने के सवाल पर भी जापान के साथ बातचीत हो सकती है।
रूस और जापान के बीच 1855 में हुए व्यापार और सीमा सम्बन्धी समझौते के आधार पर जापान रूस के इतुरूप, कुनाशिर और हबोमाइ द्वीपों पर अपना दावा जतला रहा है। जापान ने रूस से शान्ति-सन्धि करने के लिए यह शर्त लगा रखी है कि रूस को ये द्वीप जापान को लौटा देने चाहिए। जापान की इसी शर्त के कारण दो देशों के बीच द्वितीय विश्व-युद्ध के बाद से आज तक शान्ति-सन्धि पर हस्ताक्षर नहीं हो पाए हैं।
जबकि रूस का कहना है कि रूस के दक्षिणी कुरील द्वीप समूह का इलाका द्वितीय विश्व-युद्ध के बाद हुए समझौतों के कारण सोवियत संघ में शामिल किया गया था और अन्तरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार ही उन पर आज भी रूस का अधिकार है।
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