रूस भारत में कृषि मालों के रेडियम उपचार केन्द्र बनाएगा
नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स व्यापार सम्मेलन के दौरान रूस की राजकीय कम्पनी ’रोसएटम’ की सहयोगी कम्पनी ’ज्वाइण्ट इनोवेशन कारपोरेशन’ ने हिन्दुस्तान एग्रो कॉरपोरेशन के साथ भारत में कृषि फ़सलों के रेडियम उपचार में सहयोग देने के लिए रेडियम उपचार केन्द्रों की स्थापना करने के बारे में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
रूस की तरफ़ से इस समझौते पर ’ज्वाइण्ट इनोवेशन कारपोरेशन’ के महानिदेशक दिनीस चिरेदनिचेन्का ने हस्ताक्षर किए तथा भारत की तरफ़ से हिन्दुस्तान एग्रो को-ओप लिमिटेड के अध्यक्षा भारत धोकने पाण्डुरंगम ने हस्ताक्षर किए।
परियोजना के अनुसार, एक रूसी-भारतीय संयुक्त उद्यम बनाकर उसके नियंत्रण में भारत में एकीकृत रेडियम केन्द्रों के एक नेटवर्क का क्रमिक रूप से विकास किया जाएगा। इसके पहले दौर में भारत में 7 विकिरण केन्द्रों की स्थापना की जाएगी। कृषि मालों का अन्तरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा स्वीकृत स्तर तक विकिरण किया जाएगा और अन्तिम उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित होगा। विकिरण के कारण कृषि मालों के पोषण तत्व और विटामिन कम नहीं होंगे और उनके वांशिक गुणों में तथा रूपाकार में कोई बदलाव नहीं आएगा।
’ज्वाइण्ट इनोवेशन कारपोरेशन’ के महानिदेशक दिनीस चिरेदनिचेन्का ने बताया कि रेडियम के माध्यम से खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखना एक नया तरीका है, जो रूसी परमाणु कम्पनी रोसएटम द्वारा खोजा गया है। अगर प्याज की फ़सल पर इस तरीके को लागू किया जाएगा तो हर साल इस तकनीक के उपयोग की बदौलत भारत में 42,000 टन प्याज को नष्ट होने से बचाया जा सकेगा। अनाज को भी इस तकनीका का इस्तेमाल करके सुरक्षित रखा जा सकता है तथा उसके नुक्सान को 15 प्रतिशत से घटाकर हर साल साढ़े 3 प्रतिशत पर लाया जा सकता है।