भारत यूरेशियाई आर्थिक संघ के साथ जल्दी से जल्दी जुड़ेगा
मस्क्वा (मास्को) स्थित भारतीय दूतावास के उपप्रमुख गंगाधरण बालासुब्रह्मण्यम का कहना है कि भारत जल्दी से जल्दी यूरेशियाई आर्थिक संघ के साथ जुड़ना चाहता है।
तीसरे यूरेशियाई आर्थिक सम्मेलन में बोलते हुए ग० बालासुब्रह्मण्यम ने कहा कि भारत को शुरू से ही यूरेशियाई आर्थिक संघ का सहयोगी समझा जाता रहा है और सारे साल काम करने वाले कार्यकारी-दल ने यह सिफ़ारिश भी की है कि भारत और यूरेशियाई आर्थिक संघ में शामिल देशों के बीच व्यवसाय का बड़ी तेज़ी से बड़ा अच्छा विकास होगा।
उन्होंने कहा कि भारत और यूरेशियाई आर्थिक संघ के बीच सहयोग के विकास की बड़ी संभावनाएँ हैं। हम इस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। जल्दी ही यूरेशियाई आर्थिक आयोग और भारत के बीच इस सिलसिले में वार्ताएँ शुरू हो जाएँगी। हम जल्दी से जल्दी यूरेशियाई आर्थिक संघ के साथ जुड़ना चाहते हैं। जितनी जल्दी ऐसा हो जाएगा, उतना अच्छा होगा।
यूरेशियाई आर्थिक संघ का निर्माण कस्टम संघ के आधार पर किया गया है। यूरेशियाई आर्थिक संघ 1 जनवरी 2015 से काम कर रहा है। अभी तक रूस, अरमेनिया, बेलारूस, कज़ाख़स्तान और किर्गिज़िस्तान इस संघ के सदस्य हैं।
पहली बार रिया नोवोस्ती में प्रकाशित।
आतंकवाद और उससे जुड़े मुद्दों पर केन्द्रित ’एशिया का दिल’ सम्मेलन